भारतीय जनता पार्टी
नवाब सिंह नागर
किसान हित, संगठन शक्ति और जनसरोकार के लिए समर्पित वरिष्ठ जनसेवक
संक्षिप्त परिचय
नवाब सिंह नागर नोएडा क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित राजनीतिक एवं संगठनात्मक चेहरा हैं, जिन्होंने 1984 से पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई। किसान हितों, क्षेत्रीय विकास, सार्वजनिक मुद्दों और लोकतांत्रिक संघर्षों में उनकी मजबूत पहचान रही है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री पद तथा संगठन के विभिन्न दायित्वों के माध्यम से उन्होंने लंबे समय तक जनसेवा की है।
व्यक्तिगत विवरण
पिता का नाम
स्व. भरत सिंह
जन्म तिथि / आयु
01 जनवरी 1960 (66 वर्ष)
जाति / वर्ग
गुर्जर ओ.बी.सी. (पिछड़ा वर्ग)
वर्तमान पहचान
वरिष्ठ राजनीतिक कार्यकर्ता
कार्य क्षेत्र
नोएडा, गौतमबुद्धनगर एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश
पता
ए-62, सेक्टर-33, नोएडा, जिला- गौतमबुद्धनगर
सरकारी एवं संगठनात्मक दायित्व
1984
नोएडा शहर में प्रथम मंडल अध्यक्ष के रूप में पार्टी कार्य की शुरुआत।
1996
दादरी विधानसभा से विधायक चुने गए।
2002
दादरी विधानसभा से पुनः विधायक चुने गए।
2002 - 2003
उत्तर प्रदेश सरकार में सिंचाई राज्यमंत्री।
2013
भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष।
2016
भाजपा राष्ट्रीय परिषद सदस्य मनोनीत।
2017
भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष।
राजनीतिक यात्रा और चुनावी अनुभव
नोएडा में संगठन के विस्तार के साथ उन्होंने 1984 में प्रथम मंडल अध्यक्ष के रूप में पार्टी कार्य शुरू किया। दो बार मंडल अध्यक्ष रहने के बाद जिला मंत्री के दायित्व पर कार्य किया।
जब नोएडा, गाजियाबाद जनपद का हिस्सा था, तब 1993 में दादरी विधानसभा से चुनाव लड़ा। उस चुनाव में 11,000 वोटों से पराजय मिली, किंतु संगठनात्मक पहचान और जनसंपर्क मजबूत हुआ।
वर्ष 1996 में पुनः चुनाव जीतकर 22,000 मतों से विजय प्राप्त की। वर्ष 2002 में पुनः चुनाव लड़कर जीत हासिल की और उत्तर प्रदेश सरकार में सिंचाई राज्यमंत्री के पद पर कार्य करने का अवसर मिला।
व्यापक मुद्दों पर संघर्ष और जनहित के कार्य
अयोध्या आंदोलन के दौरान संघर्ष करते हुए 21 दिन सहारनपुर जेल में रहे। तत्कालीन नोएडा की सीईओ नीरा यादव के विरुद्ध आवाज उठाने पर मेरठ जेल में भी रहे।
जिला बहाली आंदोलन और किसान आंदोलनों में कई बार जेल जाना पड़ा तथा अनेक बार गिरफ्तारियां हुई। यह संघर्ष उनके जनसरोकार और सिद्धांतों के प्रति दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
दिल्ली-नोएडा यमुना नदी पर डी.एन.डी. फ्लाईओवर की टोल वसूली के विरुद्ध वर्षों तक निरंतर संघर्ष किया और टोल फ्री कराने में सफलता प्राप्त की, जिससे नोएडा ही नहीं बल्कि एन. सी. आर. के लाखों नागरिकों को राहत मिली।
समय पर कब्जा न मिलने पर यमुना प्राधिकरण से आवासीय भूखंड आवंटियों को विलंब शुल्क और ब्याज से मुक्ति दिलाने के लिए तीन वर्ष का जीरो पीरियड घोषित कराने में भी सफलता मिली।
क्षेत्र में व्याप्त गुंडा-माफिया प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे नोएडा के विकास कार्यों को गति मिली।
व्यापक मुद्दों पर संघर्ष और जनहित के कार्य
अयोध्या आंदोलन के दौरान संघर्ष करते हुए 21 दिन सहारनपुर जेल में रहे। तत्कालीन नोएडा की सीईओ नीरा यादव के विरुद्ध आवाज उठाने पर मेरठ जेल में भी रहे।
जिला बहाली आंदोलन और किसान आंदोलनों में कई बार जेल जाना पड़ा तथा अनेक बार गिरफ्तारियां हुई। यह संघर्ष उनके जनसरोकार और सिद्धांतों के प्रति दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
दिल्ली-नोएडा यमुना नदी पर डी.एन.डी. फ्लाईओवर की टोल वसूली के विरुद्ध वर्षों तक निरंतर संघर्ष किया और टोल फ्री कराने में सफलता प्राप्त की, जिससे नोएडा ही नहीं बल्कि एन. सी. आर. के लाखों नागरिकों को राहत मिली।
समय पर कब्जा न मिलने पर यमुना प्राधिकरण से आवासीय भूखंड आवंटियों को विलंब शुल्क और ब्याज से मुक्ति दिलाने के लिए तीन वर्ष का जीरो पीरियड घोषित कराने में भी सफलता मिली।
क्षेत्र में व्याप्त गुंडा-माफिया प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे नोएडा के विकास कार्यों को गति मिली।
लौह संग्रहण कार्यक्रम में योगदान
लोकसभा चुनाव 2014 से पूर्व सरदार वल्लभभाई पटेल जी की प्रतिमा हेतु आयोजित लौह संग्रहण कार्यक्रम में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संयोज जिम्मेदारी निभाई और इसे सफलतापूर्वक संपन्न कराया।
संघ एवं संगठन में सक्रिय भूमिका
इमरजेंसी के तत्काल बाद 1978 में संघ वर्ग (प्रथम वर्ष ओ.टी.सी.) किया और उसके बाद लगातार संघ में कार्य करते हुए भाजपा संगठन से जुड़े रहे।
